Friday, July 25, 2014

पानी....जीवन का आधार

जिंदगी मे जो भी चीज़े है उनका एक आधार है दुनिया मे विकसित कोई भी सभ्यता हो| सबके पीछे नदियो का बहुत बड़ा योगदान है जी हा हम बात कर रहे है पानी की इसके बिना जीवन संभव नही और दुनिया मे कई ऐसे इलाक़े है जहा लोगो को सारा दिन पानी के लिए परेशान होना पड़ता है तथा जिंदगी मे वह कोई बेहतर मुकाम नही बना पाते|फिर भी जहा पानी है सभी के लिए वहा पर लोग जिस तरह से पानी बर्बाद करते है...बड़ी दुख की बात है|ऐसा नही है की लोग पढ़े लिखे नही है किसी बात की जानकारी नही है...पर पढ़े लिखे और अपने को बेहतर समझने वाले लोग ही ऐसा काम अधिक करते है |पानी की टंकी भर गयी है पर जब तक २० मिनिट तक पानी बहा नही लेंगे तब तक बेहतर इंसान कैसे कहलाएँगे,ब्रश करने मे जहा एक मग पानी लगता है  पर बाल्टी भर से कम खर्च नही करेंगे तो काम कैसा चलेगा |अब यहा पर ऐसे लोगो से आप
कुछ कहेंगे तो तर्क देंगे भूल गये...एक बार घड़ी से टाइम देख ले की कितने समय मे आपकी टंकी भर जाती है तो उतने समय मे आप हर बार मोटर बंद कर देंगे जिससे की बिजली और पानी दोनो की बचत हो सके| आप कल्पना कर सकते है यदि हर घर से १ मिनट ही पानी बहा तो एक राज्य के सभी सहरो और गाओ को मिलकर देखेंगे तो कितना पानी बर्बाद हुया...आप समझ सकते है? और जैसे हम सभी लोग धर्म की महत्ता और भगवान की महत्ता सभी को बताते है अब समय आ गया है की पानी को भी भगवान की तरह पूजे और सही से प्रयोग करे|हम तभी भगवान और धर्म को कायम रख पाएँगे जब इंसान होंगे यानी पानी होगा बिन पानी सब सूना यह तो आप सभी लोग जानते ही है? तो कॉसिश करिए पानी का एक बूँध भी बर्बाद ना होने पाए और अन्या लोगो को भी जागरूक करिए .जिससे की हम इस जीवन रक्षक पानी को आगे भी बनाए रखे और इस सुंदर जहा मे जीवन यू ही आगे बढ़ता रहे| यह हम सभी की ज़िम्मेदारी है और इसको मिलकर ही पूरा किया जा सकता है|
-राहुल कुमार

Saturday, July 19, 2014

लोग‬ भाग रहे है

लोग‬ भाग रहे है ,
जाने कहा,
जाने किधर,
ना अपनो की सुध,
ना किसी की परवाह,
मरती इंसानियत ,
हर पल यहा,
अपनो के ही द्वारा,
रिस्ते होते सर्मसार यहा
क्या से क्या हो गये लोग यहा,
लोग भाग रहे है,
जाने कहा ,
जाने किधर?

-राहुल कुमार

Monday, January 6, 2014

इंसान भटक रहा है...

इंसान भटक रहा है,
अंधेरी गलियो मे,
जहा उजाले की कोई किरण नही,
कहता है हम ईस्वर की बातो,
को मानता हू,
पर हक़ीकत मे कुछ के अलावा,
सब भटक रहे है,
अंधेरी गलियो मे,
इंसानियत, मानवता से दूर कही,
बस जाहिलता की दुनिया मे,

Wednesday, December 25, 2013

कुछ बाते

"कुछ बाते हो जाती है,

 

कुछ बाते खो जाती है,

कुछ दूर कही जाती है,

कुछ अपनो की याद दिलाती है,

कुछ बाते हो जाती है,

कुछ बाते खो जाती है"

   -राहुल

Saturday, June 29, 2013

दूर कही गुम क्यो हो तुम,

दूर कही गुम क्यो हो तुम,
पास ज़रा आओ तो तुम,
कब से नज़रे तरस गयी है,
आशू अब बस बहते है,
बस तुम मेरे पास तो बैठो,
जी भरकर तुमको देखू,
दूर कही गुम क्यो हो तुम,
पास ज़रा आओ तो तुम,
कोई भी दरिया चाहे आए,
पर वह ना जुदा कर पाएगा,
दूर कही गुम क्यो हो तुम,
मेरा दिल तेरा घर है,
आओ और समा जाओ तुम,
अब आ जाओ,
और ना अब तन्हा छोड़ो,
अब आ जाओ,
अब आ जाओ,
-राहुल

Sunday, January 22, 2012

ये भी बदल जाएगा बस साथ आप सबका हो?

अजीब विडंबना है की हम लोग चाहते है|कि सब कुछ सही हो, गवर्नमेंट ये नही करती , पानी की समस्या है,सड़को मे जाम है, भ्रास्ताचार बढ़ रहा है, बिना पैसे के काम नही होता है,,,,,,,,ना जाने ऐसी कितनी बाते है,,,,,,पर आप कभी ये सोचते है कि हम कितना सहयोग दे रहे है  सब बात को सुधारने मे………..सायद उत्तर.10% से भी कम हो….कोई कुछ करना चाहता ही..नही,,,यहा सब केवल उम्मीद पर रहते है या भगवान भरोसे,,,यह सब तब तक नही बदलेगा जब तक सब लोग साथ नही सोचेंगे इस दिसा मे….सिर्फ़ सोचे ही ना उसको पर्दे पर उतारना भी है|
कोई यातायात नियम फॉलो नही करता बत्ती जलने से पहले ही खुद बढ़ते रहते है बिना किसी की परवाह किए और यहा वही लोग सामिल है जो समझते है की हम काफ़ी काबिल है पर सच्चाई यह है की सबसे बड़े जाहिल वही है ,,,,,,,,खुद ग़लत काम करते है और फिर बड़ी-2 बाते करते है| सोचिए और काफ़ी कुछ बदल सकते है हम सब लोग| और परिणाम आप के सामने होगा? और इसके लिए आज जो हो रहा है |  यदि सब लोग अपनी ज़िम्मेदारी समझे तो ना किसी को अनसन मे बैठना पड़ेगा ना रैलिया निकालनी पड़ेगी?
                                                                                                                     राहुल यादव